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35 साल से साइकिल पर खबरों का सफर, अब बेटा भी निभा रहा जिम्मेदारी

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35 साल से साइकिल पर खबरों का सफर, अब बेटा भी निभा रहा जिम्मेदारी


मण्डला/अंजनियां। बदलते दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट ने सूचना के साधनों को पूरी तरह बदल दिया है, वहीं अंजनियां निवासी रामगोपाल पटेल आज भी अपनी साइकिल के सहारे खबरों को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम पूरी निष्ठा से कर रहे हैं। 63 वर्ष की उम्र में भी उनका यह जुनून और समर्पण लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
पिछले करीब 35 वर्षों से रामगोपाल पटेल रोज सुबह अखबारों का बंडल लेकर साइकिल से निकल पड़ते हैं। अंजनियां सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों में वे प्रतिदिन 35 से 40 किलोमीटर का सफर तय कर पाठकों तक समय पर समाचार पहुंचाते हैं। गर्मी, सर्दी या बारिश—किसी भी मौसम ने उनके इस दायित्व को कभी नहीं रोका।


रामगोपाल पटेल बताते हैं कि अखबार वितरण उनके लिए केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है। इसी कार्य के माध्यम से उन्होंने अपने परिवार का पालन-पोषण किया और बच्चों को मेहनत, अनुशासन तथा समय की महत्ता का पाठ पढ़ाया। क्षेत्र के अनेक परिवारों की सुबह आज भी अखबार के साथ होती है और इस विश्वास को बनाए रखने में उनकी अहम भूमिका है।


पिता से सीखी मेहनत, आज वही मेरी पहचान


रामगोपाल पटेल के पुत्र गज्जू पटेल का कहना है कि बचपन से उन्होंने अपने पिता को हर परिस्थिति में ईमानदारी और लगन के साथ काम करते देखा है। पिता ने सिखाया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, उसे पूरी निष्ठा से करना ही असली सफलता है। आज वे गर्व के साथ अपने पिता की इस जिम्मेदारी में हाथ बंटा रहे हैं और उनके अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
रामगोपाल पटेल की यह प्रेरणादायक कहानी उन सभी मेहनतकश पिताओं को समर्पित है, जो अपने परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए जीवनभर संघर्ष करते हैं। उनकी वर्षों की मेहनत न केवल परिवार के भविष्य की नींव बनी, बल्कि अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी की एक मिसाल भी स्थापित कर गई।

मण्डला से गजेंद्र पटेल की रिपोर्ट। 70245 74790

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