मंडला। प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। यदि इंसान में हुनर और कुछ कर गुजरने का जुनून हो, तो विपरीत परिस्थितियां भी उसके रास्ते की बाधा नहीं बन सकतीं। इसकी मिसाल मंडला जिले के अभि वंशकार हैं, जो अपनी शानदार मिमिक्री, कॉमेडी और सिंगिंग के दम पर लोगों के बीच अलग पहचान बना रहे हैं। अभि की आवाज में बॉलीवुड के कई मशहूर अभिनेता और गायकों की झलक सुनाई देती है। वे महानायक अमिताभ बच्चन से लेकर मशहूर गायक कुमार सानू, उदित नारायण और सोनू निगम सहित कई कलाकारों की हूबहू आवाज निकालने में माहिर हैं।
अभि वंशकार केवल मिमिक्री आर्टिस्ट ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन सिंगर, कॉमेडियन और एंकर भी हैं। अपनी बहुमुखी प्रतिभा के माध्यम से वे मंच पर मौजूद दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ अपनी गायकी से उनका मनोरंजन भी करते हैं।

अभि बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें फिल्मों और बॉलीवुड कलाकारों का शौक था। करीब 12-13 वर्ष की उम्र से ही उन्होंने फिल्मी कलाकारों की आवाज निकालने का अभ्यास शुरू कर दिया था। अमिताभ बच्चन सहित कई बड़े अभिनेताओं की आवाज की नकल करना उनका पसंदीदा शौक बन गया। धीरे-धीरे यह शौक उनका जुनून बन गया।

वर्ष 2016 में नवरात्रि के दौरान मंडला बस स्टैंड स्थित बजरंग व्यायामशाला में उन्हें पहली बार अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। एक मित्र के कहने पर उन्होंने मंच से अमिताभ बच्चन की आवाज में बोलना शुरू किया। उनकी आवाज सुनकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जुट गई और अभि को अपनी कला के लिए पहचान मिलने लगी।

अभि बताते हैं कि अपनी प्रतिभा के दम पर उन्हें बालाघाट, सिवनी, जबलपुर, इंदौर, भोपाल, डिंडौरी और ग्वालियर जैसे शहरों में भी प्रस्तुति देने का अवसर मिला। उनके मिमिक्री गुरु जय विजय सचान हैं, जिन्हें देखकर और सुनकर उन्होंने मिमिक्री की कला को सीखने और निखारने की प्रेरणा ली।

हालांकि, अभि का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। महज दो वर्ष की उम्र में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। इसके बाद उनकी मौसी लीला वंशकार, श्रीमती मीरा वंशकार और मीना वंशकार ने उनका पालन-पोषण किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अभि ने अपने हुनर को कभी खत्म नहीं होने दिया। आज वे अपनी मेहनत और कला के दम पर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं।

अभि शादी-विवाह, जन्मदिन समारोह, पार्टियों और ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रमों में अपनी मिमिक्री, कॉमेडी और सिंगिंग के जरिए लोगों का मनोरंजन करते हैं। उनका सपना है कि वे अपनी कला के माध्यम से अपने माता-पिता का नाम रोशन करें और जीवन में आगे बढ़कर जरूरतमंद लोगों की सहायता भी कर सकें।
