गुरु दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, शिष्यों ने लिया आशीर्वाद, कन्या पूजन व भंडारे का हुआ आयोजन
मंडला। गुरु और शिष्य के अटूट संबंध को समर्पित पावन पर्व गुरु पूर्णिमा जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न आश्रमों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों में विशेष पूजा-अर्चना, गुरु वंदना और भंडारे के कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं और शिष्यों ने अपने गुरुजनों के चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

इसी क्रम में श्री सिद्धेश्वर धाम सुरंगदेवरी में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और शिष्य गुरु दरबार में पहुंचने लगे। शिष्यों ने अपने आराध्य गुरु एवं गुरु माता का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर गुरु वंदना की। गुरु महिमा के जयघोषों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

पूजन के उपरांत गुरु एवं गुरु माता की भव्य आरती की गई। शिष्यों ने चरण स्पर्श कर जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सद्मार्ग पर चलने का आशीर्वाद प्राप्त किया। गुरु दरबार में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए गुरु को जीवन का पथप्रदर्शक बताया।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर धाम में कन्या पूजन का विशेष आयोजन भी किया गया। भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी स्वरूप मानते हुए उनका पूजन किया गया तथा ससम्मान कन्या भोज कराया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

जिले के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों, आश्रमों और नर्मदा तटों पर भी दिनभर पूजा-अर्चना, गुरु वंदना और धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया और अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु पूर्णिमा का यह आयोजन श्रद्धा, सेवा, समर्पण और भारतीय सनातन संस्कृति की महान गुरु-शिष्य परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
संवाददाता-जितेंद्र कुमार भलावी
Author: Narmada Express News
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