बच्चों का पेट भरने वाली रसोइयों का पेट खाली! पांच साल से जून का मानदेय नहीं, सम्मान जनक वेतन की मांग तेज

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मंडला। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनाकर हजारों बच्चों का पेट भरने वाली रसोइयों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रसोइया उत्थान संघ समिति जिला मंडला के संस्थापक पी.डी. खैरवार के नेतृत्व में रसोइयों ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 9 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
संघ का आरोप है कि रसोइयों को मार्च एवं अप्रैल 2026 का मानदेय अब तक नहीं मिला है। साथ ही पिछले पांच वर्षों से जून माह का मानदेय भी लंबित है। रसोइयों का कहना है कि उनसे जून माह में कार्य तो कराया जाता है, लेकिन भुगतान नहीं किया जाता।
संघ के जिला अध्यक्ष कुंवर सिंह मरकाम ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण रसोइयों का परिवार उधारी पर जीवन यापन करने को मजबूर है। उन्होंने मांग की कि रसोइयों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा देकर सम्मानजनक वेतन और सभी शासकीय सुविधाएं प्रदान की जाएं।


ज्ञापन में यह भी कहा गया कि रसोइयों से मध्यान्ह भोजन बनाने के अलावा स्कूलों की सफाई, पानी भरने और अन्य कार्य भी कराए जाते हैं, जबकि उनकी नियुक्ति केवल भोजन निर्माण के लिए की गई है। संघ ने ऐसे अतिरिक्त कार्यों पर रोक लगाने की मांग की है।
रसोइयों ने आजीविका मिशन से जुड़ने और ऋण लेने के दबाव का भी विरोध किया। उनका कहना है कि समूहों को समय पर मानदेय, संचालन भत्ता एवं विशेष अवसरों पर बनने वाले भोजन के लिए अलग बजट उपलब्ध कराया जाए।
संगठन मंत्री झाम सिंह यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिला एवं शासन स्तर पर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो रसोइयां आंदोलन के लिए मजबूर होंगी और चूल्हा-चौका बंद कर सड़कों पर उतरेंगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जयंती अहिरवार, सुरेश बघेल, कृष्णा धार्वैया, गंगोत्री विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में रसोइयां उपस्थित रहीं।

संपर्क 7049200695

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Author: Narmada Express News

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