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इंतजार के बाद रिमझिम ने दी राहत, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ी : पी.डी. खैरवार

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मंडला। लंबे इंतजार के बाद जिले में हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत तो दिलाई, लेकिन किसानों की चिंता कम होने के बजाय और बढ़ गई है। कुछ मिनटों की बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भर गया, जबकि खेतों में खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त नमी नहीं बन सकी।
दोपहर बाद शुरू हुई हल्की बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि किसानों का कहना है कि यह बारिश खेती के लिए नाकाफी है। धान की रोपाई और मक्का सहित खरीफ फसलों की बुवाई के लिए लगातार और अच्छी बारिश की आवश्यकता है।
घुघरी के किसान श्रवण कुमार यादव ने कहा कि धान की रोपाई के लिए खेतों में पर्याप्त पानी भरना जरूरी है, जबकि सिंगारपुर के किसान अजय बैरागी का कहना है कि बारिश से केवल ऊपरी मिट्टी गीली हुई है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो बुवाई में 15 दिन तक की देरी हो सकती है।


सिंगारपुर के किसान पी.डी. खैरवार ने बताया कि किसान महंगे बीज और खाद खरीदकर बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं हेमराज मसराम ने हरे चारे के संकट और बढ़ती लागत को लेकर चिंता जताई है। किसानों का मानना है कि देर से बुवाई होने पर कीट प्रकोप बढ़ेगा और उत्पादन प्रभावित होगा।
किसानों ने खाद की बढ़ती कीमतों, ऑनलाइन टोकन व्यवस्था की समस्याओं, डीजल की उपलब्धता और कृषि सामग्री की कमी को भी बड़ी चुनौती बताया। उनका कहना है कि पिछले वर्ष इस समय तक अधिकांश क्षेत्रों में बोनी का कार्य पूरा हो चुका था, लेकिन इस बार मानसून की सुस्ती ने खेती-किसानी की चिंता बढ़ा दी है।
कृषि विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों के अनुसार अगले 48 घंटों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन अन्नदाता को अब भी झमाझम बारिश का इंतजार है, जिससे खेतों में बुवाई का कार्य तेजी से शुरू हो सके।

संपर्क नम्बर 7049200695

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