इंदौर। भंवरकुआं थाना क्षेत्र में आदिवासी पीड़ित परिवार के साथ मारपीट के मामले में FIR दर्ज न होने को लेकर प्रस्तावित 30 मार्च के थाना घेराव का मामला अब सुलझ गया है। पुलिस द्वारा FIR दर्ज किए जाने के बाद भारत आदिवासी पार्टी ने घेराव कार्यक्रम निरस्त करने की घोषणा कर दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रारंभ में थाना प्रभारी राजकुमार यादव एवं इंचार्ज SI नीलमणि ठाकुर द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार किया गया था। इसके बाद घेराव की चेतावनी और मामला वायरल होने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क कर उन्हें थाने बुलाया गया और अंततः आज मामले में FIR दर्ज की गई।

इस दौरान पार्टी की कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष कोमल धोपिया एवं एडवोकेट चंचल की उपस्थिति में कार्रवाई पूरी की गई। कोमल धोपिया के नेतृत्व में ही इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था।
FIR दर्ज होने के बाद कोमल धोपिया ने कहा कि जब पुलिस ने कार्रवाई कर ली है, तो अब घेराव की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि थाना घेराव जैसे आंदोलनों में समाज के लोगों को संघर्ष करना पड़ता है, इसलिए समय पर कार्रवाई होना जरूरी है।

उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो काम सामान्य रूप से किया जा सकता है, उसके लिए आम जनता, गरीब और पीड़ितों को बार-बार परेशान करना उचित नहीं है। साथ ही प्रशासन से भविष्य में हर पीड़ित की समय पर सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
बताया जा रहा है कि यदि FIR दर्ज नहीं होती तो 30 मार्च को बड़े स्तर पर थाना घेराव किया जाता। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई है।



