
मध्यप्रदेश शासन द्वारा कृषि व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से उर्वरक (खाद) वितरण के लिए ई-विकास प्रणाली को पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के सफल क्रियान्वयन के लिए पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (आर.डी. कॉलेज) मण्डला में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुईं ।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंडला व्दारा जिले भर की सहकारी संस्थाओं एवं अनुज्ञप्ति प्राप्त आदान विक्रेताओं का प्रशिक्षण कार्यशाला 11 बजे से आयोजित की गई जिसमें कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों के प्रमुख व्दारा विस्तार से ई-टोकन वितरण व्यवस्था की जानकारी एवं तकनीकी के संबंध में बताया गया की किसानों को लम्बी कतार से मुक्ति मिलेगी एवं भूमि के अनुसार आवश्यक मात्रा पर रासायनिक खाद की आपूर्ति हेतु सरकार व्दारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास अधिकारी श्री अश्वनी झारिया ने ई-टोकन से खाद वितरण की तकनीकी जानकारी देते हुए शत प्रतिशत खाद वितरण व्यवस्था से विक्रेताओं को अवगत कराया गया
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री भूपेंद्र वरकड़े, उपसंचालक कृषि श्री अश्वनी झरिया, अनुविभागीय अधिकारी कृषि मधुअली और कृषि स्थाई समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में उर्वरक व्यापारी उपस्थित रहे।
नर्मदा एक्सप्रेस से निशांत पटेल की रिपोर्ट





